उत्तराखंड

विभिन्न जन संगठनों एवं प्रमुख विपक्षी दलों ने बैरागीवाला में हत्या को सजा देने की मांग की।

नफरती अपराधों, गैर क़ानूनी बुलडोज़र राज पर कार्रवाई हो।

विभिन्न जन संगठनों एवं प्रमुख विपक्षी दलों ने बैरागीवाला में हत्या को सजा देने की मांग की।

उत्तराखंड (देहरादून) शुक्रवार, 19 जून 2026

आज देहरादून के गाँधी पार्क के गेट पर धरना दे कर विभिन्न जन संगठनों एवं प्रमुख विपक्षी दलों ने बैरागीवाला में हत्या के बहाने हुई हिंसा एवं पुलिस की नाकामी और गैर क़ानूनी बुलडोज़र चलने पर आक्रोश जताया। हत्यारों को सजा देने की मांग भी करते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हत्या के बाद हुई पत्तरबाजी, घरों में आगजनी और गाड़ियों पर हमले भी गंभीर अपराध लेकिन ज़िम्मेदार व्यक्तियों एवं संगठनों पर कोई कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही हैं। उन्होंने कहा कि उसके अतिरिक्त उच्चतम न्यायलय के फैसलों का अपमान करते हुए और कानून की धाज्जिअ उड़ा कर आरोपी के घर पर बुलडोज़र चलना भी आपराधिक कृत्य है। वक्ताओं ने कहा कि वर्त्तमान सरकार जब से सत्ता में आयी है तबसे ऐसे लगता है कि कुछ संगठनों को खुली छूट दी गयी है कि वह पुलिस पर भी हमला कर सकते हैं, सार्वजनिक एवं निजी सम्पतियों को भी नुकसान पहुंचवा सकते हैं और बेकसूर लोगों को मारपीट भी कर सकते हैं लेकिन उनपर कोई कार्रवाई नहीं होगी। पुरोला से ले कर उत्तरकाशी तक, नैनीताल से ले कर देहरादून तक इस प्रकार का हिंसक षड़यंत्र बार बार दिखाई दी है लेकिन पुलिस प्रशासनों ऐसे अपराधों के बाद अपराधियों को गिरफ्तार तक नहीं करता है। बैरागीवाले क्षेत्र में गयी फैक्ट फाइंडिंग टीम के सदस्यों धरने के पर अपनी बातों को रखते हुए कहा कि वहां के लोगों की निजी सम्पतियों को जला दी गयी हैं, उनकी गाड़ियों पर तोड़ फोड़ की गयी है, और गैर क़ानूनी रूप में दुकानों एवं मकानों को तोड़ दी गयी है। इसलिए प्रदर्शनकारियों ने मांग कि की विनोद कश्यप के हत्यारों को सख्त सजा दी जाये; आगजनी, पत्तरबाजी एवं तोड़ फोड़ करने वाले तत्वों को तुरंत गिरफ्तार की जाये और उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाये; बुलडोज़र चलाने वाले अधिकारी या संगठन पर कार्रवाई की जाये; प्रशासन शांति एवं सौहार्द को कायम रखने के लिए तुरंत कदम उठा दे ताकि जो परिवार भागे हैं, वह लौट पाए; और राज्य में धर्म के नाम पर लगातार हो रही हिंसक अपराधों के लिए ज़िम्मेदार संगठनों पर उच्चतम न्यायलय के फैसलों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाये। 

धरने में राजनितिक दलों की और से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय शर्मा, सुजाता पॉल, याकूब सिद्दीकी एवं अन्य लोग शामिल रहे; भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के राष्ट्रीय कौंसिल सदस्य समर भंडारी; भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के प्रदेश सचिव राजेंद्र पुरोहित एवं जिला महामंत्री शिव प्रसाद देवली; और भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) के प्रदेश सचिव इंद्रेश मैखुरी शामिल रहे। जन संगठनों की और से उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत एवं विमला कोहली; सर्वोदय मंडल के हरबीर सिंह कुशवाहा; उत्तराखंड इंसानियत मंच के त्रिलोचन भट्ट एवं हरी ओम पाली; चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, सुनीता देवी, पप्पू, संजय, शैलेश इत्यादि; तंजीम ए रहनुमा ए मिल्लत के लताफत हुसैन; क्रन्तिकारी लोक अधिकार संगठन के भोपाल; मज़दूर संघर्ष संगठन के कुलदीप, सामर्थ एवं अन्य साथी; एवं अन्य संगठन और चिंतित नागरिक शामिल रहे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ सत्यनारायण सचान ने समर्थन किया।

[19/06, 6:30 pm] Shankar Chetna Andolan: इसमें महिला कांग्रेस की शिवानी थपलियाल के नाम भी जोड़ दीजिए

[19/06, 7:02 pm] Shankar Chetna Andolan: माफ़ करिएगा, सी आई टी यू के जिला महामंत्री लेखराज, पीपल्स साइंस मूवमेंट के विजय भट्ट एवं स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य सचिव हिमांशु चौहान के नाम भी छूट गए थे

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