उत्तराखंड

सामाजिक संस्थाओं से जुड़े वरिष्ठ नागरिकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा देश पर थोपी गई :::: संयुक्त नागरिक संगठन।

घरेलू तथा व्यावसायिक उपभोक्ताओं में व्याप्त गैस की किल्लत के लिए केवल अमेरिका इजरायल द्वारा ईरान पर थोपा गया

सामाजिक संस्थाओं से जुड़े वरिष्ठ नागरिकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा देश पर थोपी गई :::: संयुक्त नागरिक संगठन।

उत्तराखंड (देहरादून) शनिवार, 28 मार्च 2026

घरेलू तथा व्यावसायिक उपभोक्ताओं में व्याप्त गैस की किल्लत के लिए केवल अमेरिका इजरायल द्वारा ईरान पर थोपा गया युद्ध ही जिम्मेदार है।इस युद्ध से उपजी बारूद की तपिश हमारे घरों व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंच चुकी है। उपभोक्ताओं को इस संकट का सामना धैर्य से करना होगा और पैनिक स्थिति से पड़ोसियों को भी सावधान करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य होगा। ये विचार संयुक्त नागरिक संगठन द्वारा घरेलू गैस की किल्लत के मूल कारण तथा विश्व शांति की समस्याएं और भारतीय विदेश नीति विषय पर रेसकोर्स में आयोजित संवाद में जागरूक उपभोक्ताओं ने व्यक्त किए।

सामाजिक संस्थाओं से जुड़े वरिष्ठ नागरिकों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा देश पर थोपी गई टैरिफ नीतियों,देश के विश्वसनीय मित्र रूस से तेल के आयात पर लगाए गए प्रतिबंधों पर आक्रोश जताते हुए इसे हिटलरशाही का उदाहरण बताया।इनका मंतव्य था की प्रतिबंधों ने भी गैस के संकट को बढ़ाने में योगदान किया है।अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा रूस से केवल 30 दिन के लिए देश को तेल के आयात की इजाजत देने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने कहा देश अमेरिका का गुलाम नहीं है। हमारी विदेश नीति संघर्षों की जगह विश्वशांति की समर्थक है। वर्तमान हालातों में भारत को गुटनिरपेक्ष देशों की तीसरी ताकत का नेतृत्व करते हुए युद्धोंमांद के खिलाफ सशक्त आवाज उठानी होगी। उपभोक्ताओं ने आगामी माह में भारतीय रिफाइनरियों द्वारा रूस से 6 करोड़ बैरल तेल खरीदे जाने पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे देश को संकट से निजात दिलाए जाने वाला कदम बताया।

संवाद में क्षेत्रीय खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी संतोष भट्ट भी शामिल हुए।संवाद में सामूहिक राय निकल कर सामने आई की घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता होते हुए भी उपभोक्ताओं द्वारा ऑनलाइन बुकिंग पर अविश्वास करते हुए गैस एजेंसियों के सामने भीड़ लगाना,कंपनियों के सर्वर में आई बाधाएं और कालाबाजारी की कोशिशें भी पैनिक स्थिति बनाने में मददगार रही हैं,लेकिन विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा गैस सिलेंडर की वितरण व्यवस्था की दैनिक समीक्षा,निगरानी और छापामारी से स्थिति में सुधार हुआ है जो सराहनीय है।अब मोहल्लों में रोजाना गैस के सिलेंडरों की खड़खड़ाहट सुनाई दे रही है।नब्बे हजार सिलेंडर के बैकलॉग को कम करने के प्रयास तेजी से जारी है, भट्ट का कहना था। उपभोक्ताओं का मानना था की रोजाना उपलब्ध सत्रह हजार सिलेंडर की आपूर्ति से सभी उपभोक्ताओं को ऑनलाइन बुकिंग के चार पांच दिन में गैस घर पर ही उपलब्ध हो रही है परंतु वैकल्पिक संसाधनों का भी प्रयोग किया जाना इस संकट से छुटकारा दिला सकेगा। उपभोक्ताओं ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति में बीस हजार बैकलॉग़ को गंभीर संकट बताते हुए इनकी पूर्व में रोजाना हो रही तेरह हजार सिलेंडर की जगह मात्र छब्बीस सौ रह जाने को चिंताजनक बताया। पूर्ति अधिकारी का कहना था की कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति को बढ़ाया जा रहा है और आगामी चार धाम यात्रा के दौरान कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की समुचित आपूर्ति हेतु प्रयास किए जा रहे हैं।

संवाद में दिनेश भंडारी,गिरीश चंद्र भट्ट,खुशवीर सिंह,ब्रिगेडियर केजी बहल,अवधेश शर्मा,डॉक्टर राकेश डंगवाल,डॉ दिनेश सक्सेना,मेजर एम एस रावत,मुकेश नारायण शर्मा, प्रदीप कुकरेती,सुशील त्यागी आदि शामिल रहे।

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