द हैरिटेज स्कूल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा नहीं होनी चाहिए विषय पर आयोजित की गई प्रतियोगिता।
सागवान सदन ने पहला स्थान अर्जित किया।

द हैरिटेज स्कूल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा नहीं होनी चाहिए विषय पर आयोजित की गई प्रतियोगिता।
उत्तराखंड (देहरादून) शुक्रवार, 21 अगस्त 2026
द हैरिटेज स्कूल के तत्वावधान में हिंदी अंर्तसदनीय वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस प्रतियोगिता में सागवान सदन ने अपने सारगर्भित भाषणों से सभी को अपनी ओर आकर्षित कर बाजी मारते हुए पहला स्थान अर्जित किया।
यहां न्यू रोड स्थित द हैरिटेज स्कूल में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा नहीं होनी चाहिए विषय पर आयोजित की गई प्रतियोगिता में द ओएसिस स्कूल के हिंदी और संस्कृत के जाने-माने शिक्षक प्रणव वशिष्ठ मुख्य अतिथि एवं निर्णायक के रूप में शामिल हुए। स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. अंजू त्यागी ने सम्मान और प्रशंसा के प्रतीक के तौर पर उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट अभिनंदन किया। इस दौरान द हैरिटेज स्कूल की शिक्षिका मीनाक्षी थपलियाल भी निर्णायक पैनल की सदस्य थीं।
इस अवसर पर सभी चारों सदनों शिवालिक, मंदाकिनी, मोनाल और सागवान के प्रतिभागियों ने बहुत उत्साह के साथ अपने तर्क और प्रति-तर्क पेश किए और अपनी सोच की स्पष्टता, आत्मविश्वास और प्रभावशाली प्रस्तुति से दर्शकों को प्रभावित किया।
इस दौरान हिंदी अंतर सदन वाद विवाद प्रतियोगिता में सागवान सदन विजेता रहा। प्रस्ताव के पक्ष में बोलने वाले सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार मोनल सदन की अनन्या को मिला, जबकि प्रस्ताव के विपक्ष में बोलने वाली सर्वश्रेष्ठ वक्ता शिवालिक सदन की सांची जैन रहीं। द हैरिटेज स्कूल की प्रधानाचार्या डॉ. अंजू त्यागी ने विजेताओं को बधाई देते हुए अपने प्रेरणादायक शब्दों से छात्रों का हौसला बढ़ाया।
द हैरिटेज स्कूल की काउंसलर चारू चौधरी एवं प्रधानाचार्या डॉ. अंजू त्यागी ने मुख्य अतिथि एवं निर्णायक प्रणव वशिष्ठ को प्रशंसा के प्रतीक के तौर पर स्कूल का स्मृति-चिह्न भेंट किया। अंत में हिंदी विभाग की शिक्षिका सुश्री अनिता गौनियाल ने सभी का आभार व्यक्त किया कर प्रतियोगिता का समापन किया। इस अवसर पर स्कूल की शिक्षिकाएं, शिक्षक, छात्र छात्राएं आदि उपस्थित रहे।




