उत्तराखंड

सुभारती आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीण जनों को पारंपरिक आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से परामर्श व उपचार उपलब्ध कराए। 

सुभारती आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीण जनों को पारंपरिक आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से परामर्श व उपचार उपलब्ध कराए। 

सुभारती आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीण जनों को पारंपरिक आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से परामर्श व उपचार उपलब्ध कराए। 

उत्तराखंड (देहरादून) शनिवार , 28 जून 2025

भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर मनाए जा रहे जनजातीय गौरव वर्ष के अंतर्गत आज बुक्सा आदिम जनजाति आदर्श हाई स्कूल, शेरपुर में ओएनजीसी देहरादून एवं मुमकिन है डेवलपमेंट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक निःशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

इस शिविर में सुभारती आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीण जनों को पारंपरिक आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से परामर्श व उपचार उपलब्ध कराए। शिविर में 200 से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य लाभ लिया।

डॉ. प्रशान्त कुमार भटनागर (प्रचार प्रमुख एवं हॉस्पिटल गवर्निंग बॉडी सदस्य), डॉ. वीरेंद्र दत्त सेमवाल, डॉ. अविनाश शर्मा, डॉ. रजत सिंह, डॉ. स्वास्तिका अमोली, डॉ. प्रेरणा सैनी, एवं डॉ. किरण डोभाल जैसे विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं दीं।

शिविर की विशेषताएं थीं:

रोगों की जांच व आयुर्वेदिक परामर्श

निःशुल्क आयुर्वेदिक औषधियों का वितरण किया।

उपलब्ध दवाइयों में गिलोय घनवटी, अश्वगंधा, त्रिफला चूर्ण, सुदर्शन घनवटी, योगराज गुग्गुलु, अशोकारिष्ट इत्यादि शामिल रहीं, जिन्हें रोगानुसार लाभार्थियों में वितरित किया गया।

मुमकिन है डेवलपमेंट फाउंडेशन की निदेशक प्रगति सडाना ने कहा:

> “हमारा प्रयास है कि आयुर्वेद जैसी जीवनदायी चिकित्सा प्रणाली दूरस्थ क्षेत्रों में पहुँचे और ग्रामीण समुदाय इसके लाभों को अपनाए

डॉ. प्रशान्त भटनागर ने कहा:

> “आयुर्वेद केवल चिकित्सा नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का मार्ग है। हमें गर्व है कि हम जनजातीय समुदाय के स्वास्थ्य सशक्तिकरण में सहभागी हैं।”

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने ओएनजीसी एवं मुमकिन है डेवलपमेंट फाउंडेशन के इस जन-हितकारी प्रयास की सराहना की और भविष्य में अधिक स्वास्थ्य शिविरों की अपेक्षा जताई।

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