उत्तराखंड

डॉ. बी.जी.आर. परिसर में एफ़.डी.पी. कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सांख्यिकीय तकनीकों पर केंद्रित रहा कार्यक्रम

डॉ. बी.जी.आर. परिसर में एफ़.डी.पी. कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

उत्तराखंड (पौड़ी) वीरवार, 22 जनवरी 2026

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के डॉ. बी.जी.आर. परिसर में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के सहयोग से कैरियर प्लेसमेंट सेल द्वारा एक दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था — “सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में सांख्यिकीय उपकरण एवं तकनीकें तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका”, जो वर्तमान शैक्षणिक और शोध परिवेश में अत्यंत प्रासंगिक है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अतुल सैनी (भूगोल विभाग) द्वारा किया गया, जिन्होंने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। सरस्वती वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात डॉ. नवीन चंद्र (गणित विभाग) ने कैरियर प्लेसमेंट सेल की ओर से औपचारिक स्वागत भाषण दिया।

परिसर निदेशक महोदय ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा में नवाचार और तकनीकी समावेशन की आवश्यकता पर बल दिया। इसके बाद उन्होंने मुख्य वक्ता डॉ. अतुल शिवा (एसोसिएट प्रोफेसर, जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, नोएडा) का शॉल और भगवद गीता भेंट कर सम्मान किया।

डॉ. शिवा ने अपने तकनीकी सत्र में आधुनिक शोध में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने Research Rabbit, NotebookLM, Anara AI, Litmaps जैसे उन्नत AI टूल्स के माध्यम से शोधकर्ताओं को साहित्य समीक्षा, डेटा विश्लेषण, विज़ुअलाइज़ेशन और स्रोतों की खोज में सहायता करने की विधियाँ समझाईं। उन्होंने बताया कि कैसे ये उपकरण शोध की गति को बढ़ाते हैं और गुणवत्ता को सुनिश्चित करते हैं।

कार्यक्रम में दो तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। पहला सत्र प्रातः 10:30 बजे से प्रारंभ हुआ और दोपहर 12:30 बजे तक चला। इसके बाद अल्पविराम के पश्चात दूसरा सत्र दोपहर 1:00 बजे से 2:30 बजे तक आयोजित किया गया। दोनों सत्रों में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विषय से संबंधित प्रश्न पूछे।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. अतुल सैनी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया, जिसमें डॉ. अतुल शिवा, श्री गिरिश बहुगुणा (डिप्टी मैनेजर, जयपुरिया इंस्टीट्यूट), माननीय कुलपति महोदय, परिसर निदेशक, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी, मीडिया प्रतिनिधियों, आयोजन समिति, और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया।

यह कार्यक्रम शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ, जिसने उन्हें आधुनिक शोध उपकरणों के प्रयोग की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान किया और उन्हें वैश्विक शोध मानकों से जोड़ने का अवसर दिया।


Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button