उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा मेजर जनरल (सेo निo) रहे पूर्व मुख्यमन्त्री श्री भुवन चन्द्र खंडूड़ी जी के निधन पर शोक व्यक्त किया।

उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा मेजर जनरल (सेo निo) रहे पूर्व मुख्यमन्त्री श्री भुवन चन्द्र खंडूड़ी जी के निधन पर शोक व्यक्त किया।
(पृथक उत्तराखण्ड राज्य के लियॆ जेल भी गए थे)
उत्तराखंड (देहरादून) वीरवार, 20 मई 2026
उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा भारतीय सेना में मेजर जनरल (सेo निo) रहे पूर्व कैबिनेट मन्त्री भारत सरकार व उत्तराखण्ड के पूर्व मुख्यमन्त्री श्री भुवन चन्द्र खंडूड़ी जी के निधन की सूचना पर lशोक व्यक्त करते हुये ईश्वर से उनकी आत्मशांति की प्रार्थना की।
प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी व महामन्त्री रामलाल खंडूड़ी के साथ पृथ्वी सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच जनरल खंडूड़ी जी को हमेशा याद रखेगा क्योंकि उन्होंने भारतीय सेना में भारत पाक युद्ध में सेवा करने वाले साथ ही अटल सरकार में सांसद की भूमिका के साथ ही सड़क परिवहन मन्त्री के रहते स्वर्णिम चतुभुर्ज योजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पृथक उत्तराखण्ड राज्य के लियॆ जेल जाने व वर्ष 2007 में उत्तराखण्ड सरकार में ईमानदार मुख्यमन्त्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई साथ ही बेरोजगारों के लियॆ साक्षात्कार समाप्त किया ताकि सीधे अंकों के आधार पर उनको रोजगार मिल सकें। उनका प्रत्येक कार्य बड़ी गुणवत्ता व स्पष्ट कार्यशैली को दर्शाता था। वह मुख्यमन्त्री रहते अपनी गाड़ी में हमेशा आगे बेठते थे उन्होंने सड़कों पर शिविर के उठे हुये ढक्कनों को समतल कराने के आदेश दिये ताकि कोई चोटिल ना हो।
प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती व सलाहकार केशव उनियाल के साथ द्वारिका बिष्ट ने कहा कि ईमानदार कार्यशैली एवं बेबाक अपनी राय रखने वाले जनरल खंडूड़ी ने लोकायुक्त बनाने हेतु बेहतरीन पहल की थी साथ ही उन्होंने उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच की मांग पर 250 वर्गमीटर का सख्त भू-क़ानून का नियम बनाया लगवाया और राज्य आंदोलनकारियों के जेल/घायलों को 3000/ प्रतिमाह पेंशन की घोषणा की थी जो निशंक के समय लागू हुई थी। वर्ष 2008 मे मुख्यसचिव इन्दु कुमार पाण्डे से आंदोलनकारियो के चिन्हितकरण हेतु पांच (5) का आदेश जारी किया। वर्ष 2011 मे राज्य आंदोलनकारियों के शहीद परिजनों हेतु माता/पिता के लियॆ 3000/- प्रतिमाह सम्मान पेंशन , आंदोलनकारियों के दो बच्चो को स्कूल राजकीय महाविद्यालय में मुफ्त शिक्षा के साथ ही उत्तराखण्ड परिवहन की बसों में मुफ्त यात्रा एवं राजकीय अस्पताल मे मुफ्त चिकित्सा की सुविधा , आश्रित बच्चो को 10 % क्षेतीज आरक्षण की सुविधा के शासनादेश लागू किये थे।
सुलोचना भट्ट व तारा पाण्डे के साथ शकुन्तला नेगी ने कहा कि भुवन चन्द्र खंडूड़ी ने हमेशा राज्य हितों को लेकर कार्य किया साथ ही सड़क परिवहन मन्त्री रहते उत्तराखण्ड को नजिमाबाद के मध्य राजमार्ग घोषित कर कई पुलों का निर्माण करवाया। वह शहीदों को हमेशा स्मरण करते थे और राज्य आंदोलनकारियों को उचित सम्मान देते थे।
शोक व्यक्त करने वालों में केशव उनियाल , अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी , रविन्द्र जुगरान , पृथ्वी सिंह नेगी , ओमी उनियाल , रामलाल खंडूड़ी , प्रदीप कुकरेती , सतेन्द्र भण्डारी , हरी सिंह मेहर , विनय बलूनी , पूरण सिंह लिंगवाल , जयदीप सकलानी , संजय बलूनी , रतन अमोली , विजय बलूनी , मोहन सिंह रावत , सुरेश विरमानी , मनोज नौटियाल , विनोद असवाल , गौरव खंडूड़ी , प्रभात डण्डरियाल , सुरेश नेगी , सुमित थापा , राकेश नौटियाल , राजेश पान्थरी , विरेन्द्र सकलानी , पुष्पलता सिलमाणा , द्वारिका बिष्ट , सुलोचना भट्ट , राधा तिवारी , अरुणा थपलियाल , आशा नौटियाल , देवेश्वरी गुसांई , तारा पाण्डे , लक्ष्मी बिष्ट , सर्वेश्वरी डोबरियाल।



