उत्तराखंड

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव का भव्य समापन हुआ।

विश्व पर्यटन दिवस पर तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव का समापन।

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव का भव्य समापन हुआ।

उत्तराखंड (श्रीनगर गढ़वाल) सोमवार, 28 सितम्बर 2026

हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र द्वारा आयोजित तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव का भव्य समापन हुआ। विश्वविद्यालय के प्रेक्षागृह में आयोजित समापन समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पर्यटन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले तथा जिम्मेदार एवं सतत पर्यटन को बढ़ावा देने वाले विभिन्न व्यक्तित्वों एवं संस्थाओं को विशेष ‘सैर-सलीका पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में शैलेंद्र रावत (खोली होम स्टे, देहरादून), चांदनी अरोड़ा (साइकिल सखी), कीर्ति नवानी (विंसर पब्लिकेशन), उत्तराखंडी टूरिज्म एसोसिएशन, उत्तरांश, चित्रकार मुकुल बडोनी, धन सिंह ‘पेड़ वाले गुरुजी’, संदीप गुसाईं तथा अनुज (प्रथम संवेदना से सेवा तक) सहित पर्यटन एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े अन्य सम्मानित व्यक्तित्व शामिल रहे।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में देश के प्रथम लेखक गांव की निदेशक विदुषी ‘निशंक’ ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपने जीवन में रचनात्मक एवं उद्देश्यपूर्ण लक्ष्यों का निर्धारण करते हुए सकारात्मक जीवनशैली को अपनाएं। उन्होंने कहा कि प्रकृति, संस्कृति और संस्कार व्यक्ति के व्यक्तित्व को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा को सदैव सकारात्मक एवं रचनात्मक कार्यों से जोड़ने की आवश्यकता है।

तीन दिवसीय पर्यटन उत्सव के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में चयनित प्रतिभागियों ने समापन समारोह में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, रचनात्मक कार्यक्रमों और विभिन्न प्रतियोगिताओं की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया

कार्यक्रम के दौरान पर्वतीय पर्यटन, आतिथ्य, स्थानीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण एवं जिम्मेदार पर्यटन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यटन क्षेत्र की विविध संभावनाओं से परिचित कराने के साथ-साथ उत्तराखंड की प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।

समापन समारोह में पर्वतीय पर्यटन एवं आतिथ्य अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. राकेश ड्योढ़ी, पर्यटन प्रबंधन की डीन प्रो. रश्मि ड्योढ़ी, नियुक्ति डीन प्रो. मोहन पंवार, वित्त अधिकारी डॉ. अजय मोहंती सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्रसंघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button