नवनियुक्त अपर पुलिस महानिदेशक कारागार अभिनव कुमार ने  वीडियोकान्फैंसिग के माध्यम से अधीनस्थ समस्त कारागार अधीक्षकों की बैठक निर्देश दिए कि कारागार से कोई भी अपराधी किसी भी आपराधिक गतिविधि का संचालन न कर पाये। – The Uttarakhand News

नवनियुक्त अपर पुलिस महानिदेशक कारागार अभिनव कुमार ने  वीडियोकान्फैंसिग के माध्यम से अधीनस्थ समस्त कारागार अधीक्षकों की बैठक निर्देश दिए कि कारागार से कोई भी अपराधी किसी भी आपराधिक गतिविधि का संचालन न कर पाये।

नवनियुक्त अपर पुलिस महानिदेशक कारागार अभिनव कुमार ने  वीडियोकान्फैंसिग के माध्यम से अधीनस्थ समस्त कारागार अधीक्षकों की बैठक निर्देश दिए कि कारागार से कोई भी अपराधी किसी भी आपराधिक गतिविधि का संचालन न कर पाये।

उत्तराखंड (देहरादून) वीरवार, 05 दिसम्बर  2024

नवनियुक्त अपर पुलिस महानिदेशक कारागार महोदय श्री अभिनव कुमार द्वारा 04 दिसम्बर, 2024 को वीडियोकान्फैंसिग के माध्यम से अधीनस्थ समस्त कारागार अधीक्षकों की बैठक ली गयी। बैठक में श्री दधिराम, उप महानिरीक्षक कारागार, श्री धीरेन्द्र गुंज्याल, सहायक महानिरीक्षक कारागार एवं समस्त कारागारों के वरिष्ठ अधीक्षक / अधीक्षक / प्रभारी अधीक्षक उपस्थित थे।

अपर पुलिस महानिदेशक कारागार महोदय द्वारा सर्वप्रथम अवगत कराया गया कि कार्यभार संभालते समय माननीय मुख्यमंत्री जी उत्तराखण्ड श्री पुष्कर सिंह धामी जी द्वारा स्पष्ट दिशानिर्देश दिये गये थे कि एक आधुनिक, प्रभावशाली और चुस्त-दुरूस्त जेल विभाग उनकी सरकार की प्राथमिकता है और इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जेल विभाग को यथा संभव सभी संसाधन उपलबध कराये जायेंगे।

अपर पुलिस महानिदेशक कारागार महोदय द्वारा सभी कारागार अधिकारियों को कारागार की प्रमुख समस्याओं एवं कारागार प्रशासन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये।

बैठक में कारागार अधीक्षकों द्वारा अवगत करायी गयी समस्याओं एवं सुझावों पर विचार करते हुए अपर पुलिस महानिदेशक कारागार महोदय द्वारा कारागार विभाग का कैडर रिव्यू करने, नये वाहनों का कय करने, नवीन आपराधिक कानूनों के अनुसार बन्दियों की वीडियोकान्फैंसिग के माध्यम से पेशी एवं रिमान्ड कराये जाने की व्यवस्था करने, सभी कारागार अधिकारियों का वार्षिक स्वास्थ्य परीक्षण कराये जाने का सुविचारित प्रस्ताव तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये।

अपर पुलिस महानिदेशक कारागार महोदय द्वारा सभी कारागार अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये कि किसी भी कारागार से कोई भी अपराधी किसी भी आपराधिक गतिविधि का संचालन न कर पाये तथा कारागार को किसी भी दशा में अपराधियों की शरणस्थली न बनने दिया जाये।

अपर पुलिस महानिदेशक कारागार महोदय द्वारा सभी कारागार अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिये गये कि कारागारों में निरूद्ध बन्दियों को सम्बन्धित मा० न्यायालयों में नियत तिथि को प्रस्तुत किया जाये। बन्दी को मा० न्यायालय में नियत तिथि पर प्रस्तुत करने में यदि कोई चूक या लापरवाही होती है और इससे शासन या कारागार मुख्यालय के समक्ष कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न होती है तो सम्बन्धित कारागार प्रभारी के विरूद्ध समुचित कार्यवाही की जायेगी।

माननीय मुख्यमंत्री जी के नशामुक्त उत्तराखण्ड 2025 के लक्ष्य की प्राप्ति में कारागार विभाग भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस हेतु अपर पुलिस महानिदेशक कारागार महोदय द्वारा कारागारों में निरूद्ध नशे के आदी बन्दियों को नशामुक्त करने हेतु कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।

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