जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण किए जाने के संबंध में गठित समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई।

जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण किए जाने के संबंध में गठित समिति की बैठक आयोजित की गई।
उत्तराखंड (देहरादून) मंगलवार , 22 सितंबर 2026 
जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण किए जाने के संबंध में गठित समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई।
बैठक में राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से संबंधित प्रकरणों पर समिति के सदस्यों द्वारा विचार-विमर्श किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से संबंधित प्रकरणों का परीक्षण निर्धारित मानकों एवं शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त प्रकरणों में उपलब्ध अभिलेखों एवं साक्ष्यों का विधिवत परीक्षण करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि चिन्हीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर किया जाए। उन्होंने समिति के सदस्यों एवं संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों के निस्तारण की कार्यवाही समयबद्ध रूप से करने के निर्देश दिए। बैठक में समिति के सदस्यों द्वारा राज्य आंदोलनकारियों के चिन्हीकरण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अपने सुझाव एवं विचार रखे गए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि समिति के समक्ष प्रस्तुत प्रकरणों में आवश्यक अभिलेखों की जांच एवं नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण करते हुए प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित करें।
अपर जिलाधिकारी वि0रा0 के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश कुमकुम जोशी, पुलिस विभाग से अधिकारी उपस्थित रहे। सदस्य राज्य आंदोलनकारी ओपी उनियाल, देवीगोदियाल, डीएस गुंसाई, विवेकानंद खण्डूड़ी, सरोज डिमरी, उर्मिला, निर्मला बिष्ट, पुष्पलता सिलमाना, आदि समिति के सदस्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




