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Tuesday, November 29, 2022
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कैब बुक करने से लेकर खाना ऑर्डर करने तक, बुज़ुर्गों को बनाया टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर

आज की 21वीं शताब्दी में हम टेक्नोलॉजी की जिन्दगी में जी रहे है। आज तकनीक के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है। परिवहन के लिए हम कार, बस, मोटरसाइकिल, प्लेन, ट्रेन का इस्तेमाल करते है। अपने मित्रो, परिवार से बात करने के लिए फोन का इस्तेमाल करते है, मनोंरजन के लिए अब LED टीवी हमारे पास है। रसोई में खाना ओवन, मिक्सर ग्राइंडर, इन्डकशन चूल्हा जैसे इलेक्ट्रानिक उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे है।

घर की सजावट के लिए आज अनेक तरह की आधुनिक तरह की लाईट्स का इस्तेमाल होता है।आज के इस नवीन युग मे तकनिल बहुत ही उपयोगी साबित हो रही है । इस तरह से हम कह सकते है की आज विज्ञान की मदद से टेक्नोलॉजी बहुत आगे निकल गयी है। अब हमको बिजली, टीवी, पंखा, एयर कंडीनीशनर, स्मार्ट फोन, कंप्यूटर, जैसे आधुनिक चीजो की आदत हो गयी है। हम इसके बिना नही जी सकते है। पर आज के डिजिटल जमाने में हम जितनी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, हमारे बड़े बुजुर्ग उसी रफ्तार से कहीं न कहीं पीछे छूटते जा रहे हैं।
आज हम आपको एक ऐसी ही महिला के बारे में बताएंगे जिन्होंने
बुजुर्गों को Social Media Training देकर डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में जुटी हैं।आइये जानते है उनके बारे में।

महिमा भालोटिया का परिचय ।

महिमा भालोटिया मुम्बई की रहने वाली है। उनकी उम्र 27 वर्ष है ।
महिमा भालोटिया ने बुजुर्गों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘द सोशल पाठशाला’ की शुरूआत की है, जिसके जरिए वह 50 से ज्यादा उम्र के लोगों को स्मार्ट फोन चलाना, इंटरनेट इस्तेमाल करना, मोबाइल एप्लीकेशन इस्तेमाल करना और नेटबैंकिंग जैसी चीजें सिखा रही हैं। इनके इस कार्य से बुजुर्ग तकनीक से जुड़ रहे है। जो बुजुर्ग तकनीक को जानते नही थे आज वह महिमा के इस कार्य से इसे जानने लगे है ।

बुजुर्गों को डिजिटल रूप से सशक्त कर रही है महिमा।

महिमा 50 से ज्यादा उम्र के लोगों को स्मार्ट फोन चलाना, इंटरनेट इस्तेमाल करना, मोबाइल एप्लीकेशन इस्तेमाल करना और नेट-बैंकिंग जैसी चीजें सिखा रही हैं। महिमा अब तक 400 बुजुर्गों को डिजिटल तकनीक सिखा चुकी हैं। उनके ये छात्र अब बिना किसी पर निर्भर हुए, खुद खाना ऑर्डर कर सकते हैं, कैब बुक कर सकते हैं और ऑनलाइन पेमेंट भी खुद कर रहे हैं।

लॉकडाउन के दौरान योजना बनाई।

महिमा ने यह योजना लॉकडाउन के दौरान बनाया। दरअसल महिमा को बुजुर्गों के लिए कुछ करने का ख्याल उनके जॉब के दौरान मिला। महिमा तीन साल तक ‘मैरिएट इंटरनेशनल’ के साथ काम की थी । वहां पर वह हॉस्पिटैलिटी सेक्शन में थी और साथ ही, वहां के कुछ स्टाफ को सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीकों के बारे में बताती रहती थीं। एक बार वह अपनी टीम के साथ लंच कर रही थी और तभी उनके बॉस की माँ का बार-बार उन्हें फोन आ रहा था। वह उनसे उबर कैब बुक करने के लिए कह रही थीं। उस वक्त महिमा के बॉस ने उनसे मजाक में कहा कि महिमा तुम्हें बुजुर्गों को डिजिटल तकनीक सिखानी चाहिए। इसी सोच को अपने मन में रखकर लॉकडाउन में उन्होंने इसकी शुरुआत की।

ऑनलाइन क्लास की शुरुआत की।

ज़ूम पर Social Media Training

महिमा ने लॉकडाउन में बुजुर्गों के लिए ऑनलाइन कक्षा की शुरुआत की। उन्होंने ज़ूम पर अपनी क्लास शुरू की। पहले उन्होंने हरेक को अलग-अलग, ऑनलाइन पढ़ाना शुरू किया। फिर उन्होंने ग्रुप सेशंस भी करने शुरू किये। ज्यादातर लोगों को ज़ूम भी इस्तेमाल करना नहीं आता था। इसलिए, उन्होंने पहले उन्हें व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर ज़ूम इस्तेमाल करना सिखाया । उनकी क्लास में सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि पुणे, जयपुर और कोलकाता जैसी जगहों के भी लोग जुड़ते गए ।

अपने छात्रों के लिए महिमा दोस्त समान है ।

महिमा के छात्र काफी अच्छे ओहदे पर भी है। उनकी एक छात्रा, 62 वर्षीया लेखा नम्बियार अंग्रेजी की प्रोफेसर रही हैं पर तकनीक से वो बिल्कुल दूर थी पर आज महिमा के कारण वह तकनीक से जुड़ रही है । महिमा की यह छात्रा हमेशा से ही स्मार्ट फोन और डिजिटल तकनीकों को और बेहतर तरीके से सीखना चाहती थीं । उनका सपना आज महिमा के कारण पूरा हो रहा है ।

महिमा का सोच बुजुर्गों को सशक्त करना।

महिमा का उद्देश्य सिर्फ तकनीक पर काम करना है। वह कहती हैं कि उनसे जितना हो पायेगा, वह उतना ही ज्यादा से ज्यादा लोगों को डिजिटल तौर पर सशक्त करने की कोशिश करेंगी । महिमा अपने बहुत से बुजुर्ग छात्रों के साथ लाइव चैट भी करती हैं और उनसे उनके अनुभवों के बारे में पूछती हैं। आज महिमा के कारण बहुत से बुजुर्ग ज़िंदगी को काफी पास से समझ रहे है। इस नवीन युग में नवीन तरीके को सीखकर लोगों से जुड़ रहे है। महिमा क यह कार्य अत्यंत ही सराहनीय है। आज महिमा लोगों के लिए प्रेरणाश्रोत है।

Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।
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