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Wednesday, June 29, 2022
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Vishwakarma Puja 2021 Date: इस साल कब है विश्वकर्मा पूजा? जानें तिथि, पूजा मुहूर्त एवं महत्व

हिंदू धर्म ग्रंथों में कहा गया है कि एक ईश्वर के अलग-अलग कार्यों को करने के कारण मुख्य रूप से तीन नाम हैं। वह जब सृष्टि को उत्पन्न करता है, तो उसे ‘ब्रह्मा’ कहते हैं, पालन करता है तो ‘विष्णु’ और जब इसका संहार करता है, तो रुद्र इस नाम से उसे पुकारा जाता है। आइये जानते है कि इस साल कब है विश्वकर्मा पूजा।

भगवान विश्वकर्मा है जगत के निर्माणकर्ता

विश्वकर्मा भगवान की बात करें तो विश्वकर्मा देव ने पूरे जगत का निर्माण किया इन्हें पूरे जगत का निर्माण कर्ता कहते हैं। विश्वकर्मा पूजा के दिन सभी निर्माण के कार्य में उपयोग होने वाले हथियारों एवम औजारों की पूजा की जाती हैं। कार्यालयों और कार्यशालाओं में सभी भगवान विश्वकर्मा देव के सामने अपने उपकरणों की पूजा करते हैं।

इस बार कब है पूजा

अगर इस साल के विश्वकर्मा पूजा की बात करें तो हर वर्ष की तरह इस बार भी विश्व​कर्मा पूजा 17 सितंबर दिन शुक्रवार को है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में विश्वकर्मा पूजा मनाया जाएगा। विश्व​कर्मा पूजा के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रात: 06 बजकर 07 मिनट से अगले दिन 10 सितंबर को प्रात: 03 बजकर 36 मिनट तक बना रहेगा। पूजा के शुभ समय में आप भगवान विश्वकर्मा की पूजा कर उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं।

पौराणिक कथा में भगवान विश्वकर्मा का बखान

पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान विश्वकर्मा ने भगवान कृष्ण की नगरी द्वारिका का निर्माण किया था। इन्होने युधिष्ठिर की नगरी इन्द्रप्रस्थ का भी निर्माण किया था और अपनी कला से इसे मायावी रूप दिया था। इन्होने ने ही सोने की लंका को बसाया था। पूरे जगत के निर्माण के साथ- साथ इन्होने कई औजार भी बनाये। कई दिव्य शास्त्रों का भी निर्माण किया।

वाहनों की होती है पूजा

भगवान विश्वकर्मा को दुनिया का पहला इंजीनियर और वास्तुकार माना जाता है और यही वजह है कि विश्वकर्मा पूजा के शुभ अवसर पर देश भर में उद्योगों और फैक्ट्री में हर तरह की मशीनों और औजारों की सफाई कर उनकी पूजा की जाती है और मनुष्य अपने घर के सभी वाहनों की भी पूजा करते हैं क्यूंकि उन में भी मशीने लगी हुई रहती हैं।

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डिस्क्लेम :

”इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना में निहित सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्म ग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारी आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना के तहत ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।”

Sunidhi Kashyap
सुनिधि वर्तमान में St Xavier's College से बीसीए कर रहीं हैं। पढ़ाई के साथ-साथ सुनिधि अपने खूबसूरत कलम से दुनिया में बदलाव लाने की हसरत भी रखती हैं।
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1 COMMENT

  1. Kshatriyas and Brahmins ! To understand the worth of this verminage we have to analyse the disaster of the Brahmin impotentica Parshooram and his activities

    The Parashooran Paradox

    What is the “Paradox of Parshooram” ? The man copulated wuth his mother,on the instructions of his father – who was an impotentica sage.The Hindoo Model,is that the Gods sent the husband of Brahmin wives,to jungles for penance and austerities – while the Hindoo Gods, seduced the wives of the Brahmins,and mated with them.

    The father of Parshooram,did not want to mate iwth his wife,as he was on a celibacy trip.Hence his son banged mommy – but the Kshatriyas saw the kid.To hide the shame and guilt – the son and poppy,blamed the Kshatriyas – and theh killed all the Kshatriyas ! In Hindooism,incest is normal – even Gan-pati mated with his mother.

    This is all a “copy and paste”,from Greek Theology and Creativity.dindooohindoo

    Net result – all the Kshatriya men were dead, and their women were on heat – and so,they copulated with the Brahmins,to breed a “new race” of Kshatriyas.These “mew” breed had the DNA of the Brahmins (cowards,weasels and impotenticas) and the DNA of their mothers (which is “whoring”) – the “born agains” Kshatriyas.

    The Disaster

    When the Sakas,Scythians,Turks,Afghans,Mongols,Central Asians,Greeks,Persians, Abyssinians etc., attacked Hindoosthan – there was no martial race left,as the “real” so called Kshatriyas were killed.These Kshatriya cowards,joined hands with Babar and the Brits and the Portugese to kill and rape Hindoos.These “rat” Kshatriyas were called Rakpoots,Jats and Sikhs etc.

    The DNA of these “born again” Kshatriyas (as stated above),explains Y the Hindoos were raped again and again and again and again (The DNA of Poppy – The Brahmin – and so were,their women.This also explains Y the Rajpoots sold their women,like whores,to the Mughals and the Brits – to save their lives and money (The DNA of their 1st mommy).

    This also explains Y the Sakas,Scythians,Turks,Afghans,Mongols, Greeks,Persians, Abyssinians etc.,who stayed back in Hindoosthan,and married locals – also produced cowards,weasels,idiots and impotenticas.

    The Curse

    It is all the curse of Parshooram – the Curse of Incest and the Curse of Hindooism. Just like the curse of Ishvaku – whose own kids from the same mommy married each other – and then lineaged into Rama,the coward and impotentica.

    Rama – captures the disaster the doom of the Hindoo race,and the Hindoo DNA – which is Y the Hindoo Muslims and Nassara,are treated as trash,all over the world – with real Muslims and Jesuits.

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