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Wednesday, June 29, 2022
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भव्य ही नहीं काफी पुराना है भगवान विष्णु का ये मंदिर, जानें इससे जुड़ी रोचक बातें

दक्षिण भारत राज्य को देवो की भूमि के नाम से जाना जाता हैं। दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिर, धार्मिक और तीर्थ स्थलों से भरा हुआ है।

भारत देश के दक्षिणी क्षेत्र मे एक से बढ़कर एक आकर्षित मंदिर देखने को मिलेंगें। बता दें कि इन मंदिरों की नक्काशी इतनी सुन्दर और मनमोहक होती है कि पर्यटक इन्हें निहारते रहते है। दक्षिण भारत में हिंदू मंदिरों का मानो जैसे कुम्भ लगा हो। आज हम आपको श्री रंगनाथ स्‍वामी मंदिर जो तमिलनाडु राज्य के तिरुचिरापल्ली शहर में स्थित है उसके बारे में बताएंगे।

भगवान विष्णु की पूजा होती है मंदिर में।

रंगनाथ स्‍वामी मंि‍दर, श्रीरंगम में स्थित एक पवित्र हिंदू धर्म स्‍थल है। यहां भगवान विष्‍णु की पूजा की जाती है और भगवान को रंगनाथन के रूप में पूजा जाता है। इन्‍हे भगवान विष्‍णु का ही अवतार माना जाता है। यह मंदिर, द्रविण शैली में बना हुआ है जिसमें संतों द्वारा कई महिमाएं का वर्णन किया गया है जो दिव्‍यप्रबंध को उजागर करते है।

मंदिर की मान्यता

मान्यता के अनुसार गोदावरी तट पर सदियों पहले गौतम ऋषि का आश्रम हुआ करता था। उन्होंने यहां पर गोदावरी नदी को देव लोक से बुलाया था, जिस कारण चहुंओर उनकी जय-जय कार होने लगी थी। उनकी बढ़ती प्रसिद्धी से अन्य कई ऋषि उनसे जलने लगे थे।वह उन्हें सभी की नज़रों में गिराना चाहते थे। इसलिए उन्होंने एक साजिश के चलते ऋषि गौतम पर गौ हत्या का आरोप लगाते हुए उन्हें आश्रम से निकाला दिया था।

मंदिर का निर्माण हुआ।

गौतम ऋषि बहुत आहत थे, इसलिए उन्होंने श्रीरंगम आकर भगवान विष्णु की तपस्या शुरु कर दी। कहा जाता है कि भगवान विष्णु ने प्रसन्न होकर रंगनाथ स्वामी के रूप में उन्हें यहीं पर अपने दर्शन दिए। इस लिहाज से इस जगह को धार्मिक माना गया और फिर धीरे-धीरे यहां रंगनाथ स्वामी मंदिर का निर्माण हुआ।

पर्यटकों के लिए प्रसिद्ध मंदिर।

यह तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में स्थित पर्यटकों के लिए काफी मशहूर है। यही कारण है कि यहां भगवान रंगनाथ के दर्शन के लिए देशभर से ही नहीं, बल्कि विश्व के कोने-कोने से एक बड़ी संख्या में यहां सैलानी आते हैं। यह मंदिर इतना बड़ा है कि आप अपना पूरा दिन यहां बिता सकते हैं। यह 21 गोपुरमों से मिलकर बना हुआ है। यहाँ पर्यटकों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नही होती है।

मंदिर का ऊपरी भाग सोने से जड़ा हुआ।

यहां आप देखेंगे कि मंदिर का ऊपरी भाग पूरी तरह से सोने से जड़ा हुआ है। मंदिर में आपको भगवान विष्णु की अद्भुत मूर्ति देखने को मिलेगी। वह शायन की मुद्रा में है। उनके इस स्वरूप को ही ‘श्री रंगनाथ’ के नाम से पूजा जाता है। इसके अलावा यहां आपको अन्य देवी-देवताओं को समर्पित देवालय भी देखने का मिलेंगे। वास्तु कला की बात की जाये तो यहां आपको तमिल शैली की बहुलता मिलेगी।

Sunidhi Kashyap
सुनिधि वर्तमान में St Xavier's College से बीसीए कर रहीं हैं। पढ़ाई के साथ-साथ सुनिधि अपने खूबसूरत कलम से दुनिया में बदलाव लाने की हसरत भी रखती हैं।
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1 COMMENT

  1. VISHNU BHAGWAN WAS A RAPIST

    Lord Rama’s Story – “Vishnu raped Tulsi/Vrinda”, as her husband , was a Brahmin – then the “woman cursed Vishnu” to be “born as Rama” and have “his wife raped by Ravana” – all “due to the impotentica of 1 Brahmin”

    The respect for Indian Women is encoded in Indian History ! dindooohindoo

    These are the rapes of wives of BRAHMINS by HINDOO GODS ! Hindoo Gods raped Hindoo women and wives of Brahmins all the time ! I The Hindoo Gods created Brahmins just to rape their wives ! The best practice model was that the Brahmin used to meditate in the forests and be a celibate – inspite of having beautiful wives ! Y would a beautiful man marry a celibate ?

    The vile of the Brahmin was that he used his wife as bait to tempt the Gods to rape his wife – and then the wife cursed the Gods – with a pardon, contingent upon on a boon to her Brahmin husband, of writing some scriptures and limited immortality ! dindooohindoo

    This is the empirical record !

    Sage Atri – As Shiva,Indra and Vishnu , “raped his wife Anasuya”
    Sage Gautama – As Indra “raped his wife Ahilya”, by stealth he said the following from the Skanda PuranaV.iii.136.2-16
    O beautiful la dy of uncensured features, resort to me, the king of Devas, “Sport about with me”.
    What will you do with this Brahmana “who has become lean and emaciated”, due to his “over- zealousness for purity and conventional rites and austerities” and Vedic studies
    Lord Rama’s father – His wife had “sex with a horse and 11 Brahmins”, to make Lord Rama
    What did the Aswins say before they raped the Brahmin Sukanya
    Mahabharata 3.123
    “O divinely beautiful damsel, do thou, forsaking Chyavana accept one of us for husband. It behoveth thee not to spend thy youth fruitlessly…”
    Ved Vyas ,who wrote the Mahabharata, was the “bastard son”, of Rishi Parashar and Satyawa
    As per the Harivamsa Purana,Sage Vashishtha’s daughter , Shatrupa had sexual relations with Daddy Cool

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