25.4 C
Dehradun
Wednesday, June 29, 2022
HomeNewsGalwan Valley clash : शहीदों को नमन करने के लिए एफटीआई में...

Galwan Valley clash : शहीदों को नमन करने के लिए एफटीआई में तैयार की गई गलवन वाटिका

स्वतंत्रता के बाद सेना का भारतीयकरण हुआ। स्वतंत्र भारत की सीमाओं की रक्षा के प्रति सेना का समर्पण विधिवत सुनिश्चित हुआ। अपनी प्रत्येक जिम्मेदारियों का निर्वाह सेना ने जान की बाजी लगाकर किया है। भारतीय सेना का इतिहास बहुत ही गौरवशाली रहा है। भारतीय सेना की शौर्य गाथाएं इतनी ज्यादा हैं कि उनके लिए शब्द कम पड़ जाते हैं।

सेना ने जहां एक ओर अपने पराक्रम का लोहा मनवाया है, वहीं दूसरी ओर संकट में फंसे लोगों को बचाया भी है। इस प्रकार भारतीय सेना ने विभिन्न प्रकार की भूमिकाओं का बखूबी निर्वाह किया है।आज हम आपको शहीदों के सहादत को याद रखने के लिए एफटीआई में तैयार की गई गलवान वाटिका के बारे में बताएंगे ।आइए जानते है इसके बारे में।

गलवान घाटी के शहीदों की याद में बनी है वाटिका ।

पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में शहीद हुए 20 भारतीय सैनिकों की याद में हल्द्वानी के वन अनुसंधान केंद्र में एक वाटिका तैयार की गई है. इसे ” गलवान शहीद वाटिका” नाम दिया गया है । इस वाटिका में 20 शहीद सैनिकों की याद में 20 पौधे लगाए गए हैं । 15 जून की रात मातृभूमि की रक्षा करते हुए गलवान घाटी में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे ।

विभिन्न तरह के पौधे लगाए गए है।

हल्द्वानी वन अनुसंधान केंद्र ने 20 पौधों की वाटिका इन शहीदों की याद में तैयार कर की है । इस वाटिका में बेल, बरगद , पीपल, तिमिला, बेडू, तेजपत्ता, जामुन, च्यूरा, इमनी, टीढ़ा, पुत्रजीवा, गुलमोहर, कदंब, मौलश्री आदि के पौधे लगाए गए हैं । इस शहीद वाटिका में जैव विविधता का रखा पूरा ध्यान रखा गया है, इसमें औषधीय पौधे भी लगाए हैं । ये पौधे सेना की तरह हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं ।

सैनिकों की याद में पहले भी बनाई जा चुकी है वाटिका।

इससे पहले हल्द्वानी वन अनुसंधान केंद्र में पुलवामा में शहीद हुए सैनिकों की याद में भी वाटिका बनाई जा चुकी है। इसे ‘पुलवामा शहीद वाटिका’ नाम दिया गया है ।इस वाटिका में पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के 42 सैनिकों की याद में 42 पौधे लगाए गए हैं।

वाटिका के माध्यम से शहीदों को याद किया जाएगा।

शहीद वाटिका के माध्यम से इन शहीदों की शहादत को सदैव याद किया जाएगा। इसका मकसद है कि जो भी वन अनुसंधान केंद्र का भ्रमण करने आएगा इन शहीदों को नमन करेगा । वाटिका में चीन के खिलाफ देशवासियों के गुस्से को दिखाता एक पोस्टर भी लगाया गया है ।इस पोस्टर में भगवान राम ड्रैगन पर तीर चलाते नजर आ रहे हैं ।

RELATED ARTICLES

2 COMMENTS

  1. The Indian cowards were raped by the PLA in 1962 and now the PLA is in Arunachal Pradesh.The 1962 war also started with the surrounding of the Galwan Post in Ladakh on 10th July,1962.dindooohindoo

    There is a TOP SECRET REPORT of HENDERSON BROOKS with Brigadier Prem Bhagat which details the cowardice of the Indian weasels – Rajpoots,Goo-r-khas,Jats,Punjabis … etc., who RAN AWAY and DESERTED their posts !

    http://www.indiandefencereview.com/wp-content/uploads/2014/03/TopSecretdocuments2.pdf

    The Indian weasels are in a world OF THEIR OWN.As per Para 38 on Page 17 of the HENDERSON BROOKS report,an Indian ArmyLt Gen LP Sen said that IF WE FIRE A FEW ROUNDS IN THE AIR – THE PLA WILL RUN AWAY !

    Some GEMS OF COWARDICE OF THE INDIAN WEASELS AND COWARDS – FROM THE DECLASSIFIED HENDERSON REPORT !

    Para 10 on page 160 – Massacre of the Indian weasels
    Para 15 on page 160 – 1 rajpoot wiped out
    Para 16 on page 161 – 1/9 gooorkha wiped out
    Para 20 on page 161 – Entire brigade “RUBBED” out
    Para 41 on Page 164 – Gadwalis panicked and started “running back”
    Para 74d on Page 173 – 1 sikh ran off and “abandoned” their posts
    Para 76b on Page 174 – Sikhs get the jitters
    Para 76c on Page 174 – Abandonment of posts
    Para 76d on Page 174 – Stragglers of the Indian Army running from the PLA
    Para 76e on Page 174 – Punjabis on verge of desertion
    Para 76f on Page 174 – Chinese firing from all directins
    Para 76g on Page 175 – Punjabis looking to run at the smallest pretext
    Para 76h on Page 174 – Entire batallion runs away
    Para 76b on Page 174 – Disintegration of Batallion
    Para 105 of Page 180 – Indian army FLED
    Para 108 on Page 180 – Entire Army DESTROYED

  2. You’re so interesting! I do not believe I have read through something like this before. So wonderful to find someone with a few unique thoughts on this subject matter. Seriously.. thanks for starting this up. This web site is one thing that is required on the web, someone with some originality!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments