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Tuesday, November 29, 2022
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पहले मुख्यमंत्री बने तीरथ सिंह रावत जो कार्यकाल के दौरान नहीं रहे विधानसभा सदस्य, ये भी जुड़े मिथक

संविधान के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करते हैं । परन्तु, व्यवहार में राज्यपाल की वह शक्ति अत्यधिक सीमित है। चूँकि राज्यों में उत्तरदायी अथवा संसदीय स्वरूप की कार्यपालिका की व्यवस्था की गई है, अतः विधानमंडल में जिस दल का बहुमत होता है, राज्यपाल उसी दल के नेता को मुख्यमंत्री का पदग्रहण और मंत्रिपरिषद के निर्माण के लिए आमंत्रित करते हैं । सामान्यतः मुख्यमंत्री विधान सभा का सदस्य होते है, परन्तु इसके अपवाद भी हैं और विधान परिषद् के सदस्य भी मुख्यमंत्री के पद पर नियुक्त हुए हैं। दरअसल शुक्रवार को इस्तीफा देने वाले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के साथ ऐसा हुआ है। वह ऐसे पहले मुख्यमंत्री बन गए है जो मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान विधानसभा के सदस्य नहीं रहे।आइये जानते है इसके बारे में।

तीरथ सिंह रावत ने दिया इस्तीफा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की है। इसी के साथ उत्तराखंड में एक बार फिर सियासी भूचाल आ गया । बुधवार को अचानक दिल्ली पहुंचे तीरथ सिंह रावत की बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद से ही उनके इस्तीफे की अटकलें जोरों पर थीं। शुक्रवार देर शाम उन्होंने जेपी नड्डा के सामने इस्तीफे की पेशकश कर दी। तीरथ सिंह रावत चार महीने पहले ही सीएम पड़ पर आसीन हुए थे।

कार्यकाल के दौरान नही थे विधानसभा सदस्य।

तीरथ सिंह रावत के इस्तीफे के साथ वह पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए जो अपने कार्यकाल में विधानसभा के सदस्य नही थे । तीरथ सिंह रावत 10 मार्च को मुख्यमंत्री बने थे। वे राज्य के ऐसे मुख्यमंत्री भी रहे, जिनके कार्यकाल में एक भी विधानसभा सत्र नहीं हुआ।

गढ़वाल के सांसद है तीरथ सिंह रावत।

पौड़ी गढ़वाल के सांसद तीरथ सिंह रावत ने 10 मार्च को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। भारतीय जनता पार्टी ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर तीरथ सिंह रावत मुख्यमंत्री बनाया था। उन्हें अपने पद पर बने रहने के लिए 10 सितंबर तक विधानसभा का सदस्य बनना था। राज्य में विधानसभा की दो सीटें गंगोत्री और हल्द्वानी खाली हैं जहां उपचुनाव होना है। अटकलें थीं कि रावत गंगोत्री सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन अगले साल फरवरी-मार्च में ही विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह मुश्किल माना जा रहा था कि निर्वाचन आयोग उपचुनाव कराए।

उपचुनाव अब नही होगा।

तीरथ के इस्तीफे के बाद साफ है कि राज्य में खाली दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव नहीं होगा। अब तीरथ सिंह रावत की जगह किसी ऐसे व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपी जाएगी जो विधायक हो। बीजेपी विधायक दल अगले दो दिनों के अंदर नया नाम तय कर देगा।

Sunidhi Kashyap
सुनिधि वर्तमान में St Xavier's College से बीसीए कर रहीं हैं। पढ़ाई के साथ-साथ सुनिधि अपने खूबसूरत कलम से दुनिया में बदलाव लाने की हसरत भी रखती हैं।
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