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Wednesday, June 29, 2022
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बिहार: 27 वर्षीय युवक ने बनाया ‘खाना बनाने वाला रोबोट’, डॉ. कलाम ने की थी मदद

किसी भी सफलता की शुरुवात कोशिश करने पर होती हैं । अगर मनुष्य अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए कोशिश नहीं करेगा तो उसे अपने जीवन में सफलता हासिल नहीं होगी । सफलता यह हर किसी के जीवन का लक्ष्य होता हैं । कड़ी मेहनत करना और समर्पण करना यह दोनों सफलता का एकमात्र मंत्र हैं ।

मनुष्य उत्साह और सफलता के बिना अपने जीवन में कुछ हासिल नहीं कर सकता । आज हम आपको कड़ी मेहनत करके सफलता प्राप्त करने वाले एक ऐसे लड़के की कहानी बताएंगे जिन्होंने अपने मेहनत के बदौलत ‘रोबोकुक’ नामक खाना बनाने वाला रोबोट बनाया है, जिसे आपको सिर्फ ऑर्डर देने की जरुरत है और आपका मनपसंद खाना तैयार हो जाएगा। आइए जानते है इसके बारे में।

अभिषेक भगत का परिचय।

अभिषेक भगत

अभिषेक भगत बिहार के भागलपुर जिला के नवगछिया के रहने वाले हैं। अभिषेक 27 वर्ष के है। उन्होंने , एक ऐसा रोबोट बनाया है, जिसे आपको सिर्फ आर्डर देने की जरूरत है, और आपका मनपसंद खाना बन कर तैयार हो जाएगा। अभिषेक ने अपने “रोबोकुक” का मूल डिजाइन 2006 में ही बना लिया था। तब वह केवल 14 साल के थे। बाद में, इसके लिए उन्हें ‘नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन’ द्वारा सम्मानित किया गया।

कई तरह के पकवान बनाना संभव।

अपने पुराने मॉडल के साथ अभिषेक

अभिषेक के इस अविष्कार में तरह-तरह के पकवान बनाए जा सकते है। जिसमें आप अपने चाय-नाश्ते से लेकर सेवई, खीर, वेज बिरयानी जैसे कई खास व्यंजनों को बना सकते हैं। अभिषेक ने इसकी शुरुआत 14 वर्ष के उम्र से ही कर दी थी। वह अपने मां को घर के कामकाज में उलझते देख वह दुखी हो जाते थे। यहीं से उनके बाल मन में यह कल्पना आयी कि वह ऐसा कुछ आविष्कार करे, जिससे उनकी मां को खाना बनाने के झंझट से छुटकारा मिल जाये। बस ऑर्डर दो, खाना बन कर तैयार।यहीं से रोबोकुक बनाने की रूपरेखा शुरू हुई ।

पढ़ाई में अच्छे नही थे अभिषेक।

अभिषेक पढ़ाई में अच्छे नहीं थे। चौथी कक्षा आने तक वह तीन बार फेल हो चुके थे। इस कारण उन्हें स्कूल से भी निकाल दिया गया था। इसकी एक और बड़ी वजह थी कि उन्होंने बाजार में मिलने वाले पटाखे से एक ‘टाइम बॉम्ब’ बना दिया था। इसमें अलार्म सेट था, और नियत समय पर पटाखा अपने-आप फट जाता था। इसे देख लोग उन्हें बिन लादेन कहने लगे, और स्कूल से भी उन्हें निकाल दिया।

स्कूल के दिनों में ही इसकी शुरुआत।

राष्ट्रपति भवन से आई चिठ्ठी

अभिषेक ने स्कूली दिनों में ही इस मशीन की परिकल्पना को साकार कर लिया था। नौवीं कक्षा में ही उन्होंने इस मशीन को प्रदर्शनी में ले जाना शुरू कर दिया था।पूर्व में राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा देवी सिंह पाटील और वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी अभिषेक की प्रशंसा की है।उन्हें पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है।

अक्षय कुमार ने भी किया है सम्मानित।

रोबोकुक का आधुनिक मॉडल

फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म पेडमैन के प्रोमोशन में नवगछिया के इस युवा वैज्ञानिक को सम्मानित किया जा चुका है।अक्षय ने अभिषेक की खूब प्रशंसा की थी ।अभिषेक को मुम्बई के एक कार्यक्रम में भी उनके अविष्कार के लिए सम्मानित भी किया गया था। इस कार्यक्रम में अभिषेक को शॉल और पांच लाख रुपये दे कर सम्मानित भी किया गया था।

किताबों में भी अभिषेक की चर्चा।

बच्चों को रोबोकुक के बारे में बताते अभिषेक

देश भर के ICSE बोर्ड स्कूलों के लिए पुस्तक पब्लिश करने वाली रत्नसागर बुक पब्लिशर कंपनी द्वारा बनाये गए बायोलॉजी की पुस्तक में नवगछिया के अभिषेक भगत के विवरणी में लिखी गयी हैं।जिसमें अभिषेक के आविष्कार के बारे में भी चर्चा की गयी हैं।

आज अभिषेक सभी के लिए प्रेरणा बन गए है। उनके इस अविष्कार की जितनी प्रशंसा की जाए कम है।

Sunidhi Kashyap
सुनिधि वर्तमान में St Xavier's College से बीसीए कर रहीं हैं। पढ़ाई के साथ-साथ सुनिधि अपने खूबसूरत कलम से दुनिया में बदलाव लाने की हसरत भी रखती हैं।
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