उत्तराखंड

उत्तराखण्ड के गांधी इंद्रमणि बड़ोनी सम्मान” के चतुर्थ संस्करण के लिए  रंगकर्मी, चिंतक, शिक्षाविद् एवं पुरोधा प्रोफेसर दाताराम पुरोहित का चयन किया गया।

जानकारी इंद्रमणि बड़ोनी चैरिटेबल फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद बड़ोनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी।

उत्तराखण्ड के गांधी इंद्रमणि बड़ोनी सम्मान” के चतुर्थ संस्करण के लिए  रंगकर्मी, चिंतक, शिक्षाविद् एवं पुरोधा प्रोफेसर दाताराम पुरोहित का चयन किया गया।

उत्तराखंड (देहरादून) मंगलवार, 23 जून 2026

उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति, लोकज्ञान, सामाजिक सरोकारों एवं जनचेतना के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित व्यक्तित्वों को सम्मानित करने हेतु स्थापित “उत्तराखण्ड के गांधी इंद्रमणि बड़ोनी सम्मान” के चतुर्थ संस्करण के लिए इस वर्ष उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध लोक रंगकर्मी, चिंतक, शिक्षाविद् एवं लोकसंस्कृति के पुरोधा प्रोफेसर दाताराम पुरोहित का चयन किया गया है।

यह जानकारी इंद्रमणि बड़ोनी चैरिटेबल फाउंडेशन के ट्रस्टी विनोद बड़ोनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी। उन्होंने बताया कि प्रोफेसर दाताराम पुरोहित को यह सम्मान उत्तराखण्ड के गांधी, स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी की पुण्यतिथि के अवसर पर आगामी 18 अगस्त 2026 को देहरादून में आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया जाएगा।

विनोद बड़ोनी ने कहा कि स्वर्गीय इंद्रमणि बड़ोनी ने उत्तराखण्ड राज्य आंदोलन, लोकसंस्कृति संरक्षण, जनजागरण और सामाजिक चेतना के विकास में ऐतिहासिक योगदान दिया। उनका सम्पूर्ण जीवन समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास, सम्मान और सांस्कृतिक अस्मिता के संरक्षण के लिए समर्पित रहा। उन्हीं के आदर्शों और विचारों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में इस सम्मान की स्थापना की गई।

उन्होंने बताया कि अब तक यह सम्मान उत्तराखण्ड की अनेक विशिष्ट विभूतियों को प्रदान किया जा चुका है। वर्ष 2023 में उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति के प्रख्यात संवाहक एवं ढोल वादक श्री शिवजनी जी, वर्ष 2024 में उत्तराखण्ड के सुप्रसिद्ध लोकगायक एवं सांस्कृतिक चेतना के प्रतीक गढ़रत्न नरेन्द्र सिंह नेगी जी तथा वर्ष 2025 में बीज बचाओ आंदोलन के प्रणेता एवं सुप्रसिद्ध पर्यावरणविद् श्री विजय जड़धारी जी को इस सम्मान से अलंकृत किया गया था।

सम्मान के अंतर्गत ₹51,000 की सम्मान राशि, स्मृति पत्र, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र प्रदान किए जाते हैं।

प्रोफेसर दाताराम पुरोहित लंबे समय से उत्तराखण्ड की लोकपरंपराओं, लोकसाहित्य, संस्कृति, इतिहास और सामाजिक चेतना के गंभीर अध्येता एवं संवाहक रहे हैं। उन्होंने अपने लेखन, शोध, शिक्षण तथा सामाजिक सक्रियता के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित, संवर्धित और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

लोकजीवन की गहरी समझ, सामाजिक प्रतिबद्धता तथा जनपक्षधर दृष्टि ने उन्हें उत्तराखण्ड के अग्रणी लोकचिंतकों में विशिष्ट स्थान दिलाया है। उनका योगदान केवल अकादमिक जगत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने उत्तराखण्ड के लोकज्ञान और लोकसंस्कृति को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।

इस अवसर पर फाउंडेशन के ट्रस्टी शंकर, राजेन्द्र लाल तथा कार्यक्रम संयोजक गिरीश बड़ोनी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रोफेसर दाताराम पुरोहित का चयन उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकचेतना के प्रति उनके अमूल्य योगदान का सम्मान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह सम्मान राज्य की नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने और लोक परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रेरित करेगा।

फाउंडेशन ने कहा कि “इंद्रमणि बड़ोनी सम्मान” केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड की लोकचेतना, सांस्कृतिक अस्मिता, सामाजिक सरोकारों और जनसंघर्षों के प्रति सम्मान और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।


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