उत्तराखंड

जानिए साहिब ए कमाल to the eternal leadership of guru gobind Singh कार्यक्रम की शुरुआत मूलमंत्र के पाठ के साथ आरंभ हुई।

तीन ग्रुप में बच्चों के ग्रुप ने सिख इतिहास पर आपने विचार प्रगट किए

जानिए साहिब ए कमाल to the eternal leadership of guru gobind Singh कार्यक्रम की शुरुआत मूलमंत्र के पाठ के साथ आरंभ हुई।

उत्तराखंड (देहरादून) रविवार, 25 जनवरी 2026

रेस कोर्स स्थित गुरुद्वारा गोबिंद नगर में श्री हरकिशन साहिब कीर्तन अकादमी, शिफ्ट सलाह के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कार्यक्रम की शुरुआत मूलमंत्र के पाठ के साथ आरंभ हुई उसके उपरांत बच्चों के तीन ग्रुप एज ग्रुप के अनुसार बाट कर श्री गुरु गोबिंद सिंह दशम गुरु के जीवन पर प्रकाश डाला बच्चों ने भाग लेते हुए कहा कि दशम गुरु न केवल एक कवि, एक योद्धा, थे, अपितु उन्होंने देश धर्म की रक्षा के लिए अपना पूरा सरबंश वार कर दिया, न केवल धर्म की रक्षा के लिए केवल 1 वर्ष की आयु में पिता श्री गुरु तेग बहादुर जी को धर्म की रक्षा के लिए बलिदान कर दिया वही अपने सिखो को अमृत की दात बक्शी अपितु खालसा मेरो रूप है खास, खालसा में हो करो निवास अपितु खालसा को विशेष दर्जा दिया।

वही अपना पूरा परिवार धर्म की रक्षा हेतु बलिदान कर दिया, अपितु एक भी आशु न बहाते हुए उन्होंने इन पुत्रन के शीश पर वार दिए सुत चार, चार मुए तो क्या हुआ, जीवित कई हजार का संदेश दिया वही उत्तराखंड सिख कॉर्डिनेशन कमेटी के गुरदीप सिंह सहोटा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से युवाओं व युवतियों की भागीदारी से उनमें नेतृत्व की समता विकसित होती है वही गुरदीप सिंह सहोटा ने कहा कि अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं का लाभ उठाने में बाकी समुदाय बेहतर लाभ उठा रहे हैं परंतु दुर्भाग्य पूर्ण हैं कि सिख समुदाय अभी काफी पिछड़ा है सब को इस और भी ध्यान देना चाहिए उन्होंने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी की सरकार हो या उत्तराखंड की धामी सरकार की अल्पसंख्यक कल्याण की योजनाओं का लाभ भी सिख समुदाय उठाए इसका आहवान किया।

वही सिख वेश भूषा में बच्चे आकर्षक लग रहे थे उन्होंने दुनियां को दिखाया कि उम्र कोई मायने नहीं रखती, जुल्मी जितना भी जुल्म करें परंतु उसके आगे कभी नहीं झुका जा सकता है और अन्याय के विरुद्ध न केवल तलवार उठाओ अपितु जरूरत पड़ने पर शहीद होकर धर्म और देश की रक्षा के लिए दृढ़ हो जाओ अगर न होते गुरु गोबिंद सिंह तो सुनत होती सभी की, न कहू, अब की, न कहू तब की और कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने सरबत दे भले दे नाल आपने खालसा को जोड़ा वहीं जुल्मी के जुल्म का मुकाबला करने हेतु तलवार उठाना जरूरी हो जाता है ।

कुल 101 वीडियो बच्चों की लाइव प्राप्त हुई सब संगतों के सहयोग से कार्यक्रम में अकाल पुरख की फौज, उत्तराखंड सिख कॉर्डिनेशन कमेटी, गुरुद्वारा गोबिंद नगर रेसकोर्स कमेटी, गुरमत प्रचार सभा, तेग बहादुर साहिब हॉस्पिटल, धर्म प्रचार कमेटी ने इस कार्यक्रम में न केवल सहयोगी के रूप में अपनी सहभागिता निभाई अपितु व्यवस्था बनाने में भी सहयोग किया ।

वही श्री हरकिशन साहिब कीर्तन अकादमी के ऑर्गनाइजर सुख चैन सिंह ने कहा कि सिखी सिखया, गुरु विचार अर्थात् गुरु के सिखाए मार्ग पर चलना ही सिखी है ।

कार्यक्रम का संचालन सरदार दलजीत सिंह ने किया उन्होंने बच्चों व युवाओं की हौंसला अफजाई की वही सरदार बिजेंद्र पाल सिंह , श्री गुरु गोबिंद सिंह स्टडी सर्किल से आए भाई बिजेंद्र पाल सिंह ने कहा कि आज हम बच्चों से आज स्वयं दूर हो रहे हैं, तो बच्चों से संवाद दूर हो गया है, जब मोबाइल भी समय समय पर अपडेट होता है उसी प्रकार हम स्वयं गुरबाणी से जोड़े तभी बच्चों को गुरुवाणी से जोड़े पाएंगे कहा कि हम गुरु साहिब के प्रकाश पर्व तो बहुत ज़ोर शोर से मना रहे हैं परंतु दुर्भाग्य पूर्ण हैं कि हम युवाओं को गुरुवाणी से जोड़े नहीं पा रहे हैं कही न कहीं ये संवादहीनता हैं, जबकि ये युवा पीढ़ी आने वाले कल में धर्म का मजबूत आधार हैं और जो समाज अपनी मजबूत विरासत को संभाल नहीं पाता वो अपना स्वरूप खो देता है आज हमें इस और ध्यान देने की जरूरत है कि हम सिखी के मुद्देले सिद्धांतों से युवाओं व आने वाली पीढ़ी को जोड़े रखना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी व जवाबदेही है गुरु के आदर्श में चल कर ही हम अपना जीवन स्वर्णिम कर सकते हैं सिखी के गौरवमई वीरसे को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी हम सब की है वही फतेह को आपने जीवन में उतारने का आहवान किया व वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह को जोड़ दिया ।

जितेंद्र सिंह जी खंडूर साहिब, अंतरराष्ट्रीय प्रचारक ने सिखी के बेहतर भविष्य के लिए संवाद को बहुत महत्वपूर्ण करी बताया उन्होंने कहा कि आज संगत को जरूरत है कि संगत विच विचार और संवाद को मजबूत कर उत्साहित किया जाना चाहिए , व सिखी नू आज दे जीवन एवम् चुनौतियों के साथ जोड़ियां जाएं , गुरु साहिब दे नाल जुड़े एतिहासिक पक्ष नू स्पष्ट किता जाए ।

इसके उपरांत अरदास व हुक्मनमा हुआ वही 1,2,3 स्थान में आने वाले बच्चों को सम्मानित किया । अन्य बच्चों को प्रशस्ति पत्र दिए गए।  गुरु का अटूट लंगर भी संगत को वार्ताया गया।

प्रथम स्थान में आने वालो को 5100 रुपए व शील्ड वही द्वितीय स्थान में आने वालो को 3100 रुपए व शील्ड वही तृतीय स्थान में आने वालो को 2100 रुपए व शील्ड हर ग्रुप में दिए गए वही हर ग्रुप में 6 स्थान हासिल करने वालो को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर डी पी सिंह, तलविंदर सिंह, हरप्रीत सिंह, पवन दीप सिंह, सतपाल सिंह, देवेंद्र पाल सिंह आदि मौजूद रहे।


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