उत्तराखंड

डिप्लोमा इंजीनियर्स की अनिश्चितकालीन हडताल लगातार 16वें दिन भी जारी।

शासन स्तर पर लंबित 27 सूत्रीय समस्याएं हैं लंबित

डिप्लोमा इंजीनियर्स की अनिश्चितकालीन हडताल लगातार 16वें दिन भी जारी।

उत्तराखंड (देहरादून) मंगलवार, 07 अप्रैल 2026

उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित 27 सूत्रीय समस्याओं के समाधान हेतु मा० मुख्यमंत्री जी की शासन के उच्च स्तर के अधिकारियों के साथ शुक्रवार साय को आहूत बैठक में समस्याओं के सकारात्मक समाधान हेतु निर्देशित करने के उपरान्त कल शाम शासन स्तर पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के सचिवों की उपस्थिती में प्रान्तीय पदाधिकारियों की वार्ता हुई है। जिसमें सभी बिन्दुओं पर चर्चा हुई लेकिन बैठक बेनतीजा रही। आज भी सपूर्ण प्रदेश में महासंघ की सभी शाखाओं में दि० 23:03.26 से प्रारम्भ हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल आज दि० 07.04.26 को अनवरत जारी रही। शाखा देहरादून के सदस्यों द्वारा लोक निर्माण विभाग, विभागाध्यक्ष परिसर के सम्मुख लगातार 16वें दिन हडताल कार्यक्रम में भारी संख्या में प्रतिभाग किया गया। दिनांक 07.04.2026 को सभा की अध्यक्षता ३० योगेश्वर प्रसाद देवराड़ी एवं मंच संचालन इ० संगीता किरोला द्वारा किया गया। महासंघ के अध्यक्ष इं० आर०सी०शर्मा जी द्वारा अवगत कराया गया है कि आंदोलन की अवधि में कोई ठेकेदार निर्माण कार्य अभियन्ता की अनुपस्थिति में सम्पादित करता है तो इस प्रकार के गुणवत्ता विहीन एवं दोषपूर्ण कार्य का मापन/भुगतान महासंघ के सदस्यों द्वारा नहीं किया जायेगा। यदि इसमें ठेकेदार को कोई वित्तीय हानि होती है और सरकार की छवि खराब होती है तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन की होगी।

आज भी महासंघ के समस्त सदस्यों द्वारा आंदोलन को जारी रखा गया है। प्रदेश के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स चारधाम यात्रा कार्य, कुम्भ, सौंग बाँध, जमरानी बाँध, सीवर से संबंधित कार्य एवं राज्य योजना के तहत गतिमान डामरीकरण कार्यों को पूर्ण रूप से बन्द कर दिया गया। सिंचाई विभाग द्वारा भी बाढ़ नियंत्रण एवं नहर मरम्मत कार्य बाधित कर दिये गये है। एम०डी०डी०ए०, एच०आर०डी०ए० आदि के कार्यों जैसे भवन मानचित्र की स्वीकृतियों, अवैध निर्माण पर अंकुश इत्यादि कार्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। प्रदेश भर में पी०एम०जी०एस०वाई० के अन्तर्गत गतिमान मार्ग एवं सेतु परियोजनायें पूर्ण रूप से बाधित हो गये है। पेयजल विभागों के डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के साथ आंदोलन में कूदने के कारण पेयजल एवं सीवर के कार्यों के साथ सम्पूर्ण प्रदेश में निर्माण कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड रहा है। पेयजल समस्याओं की शिकायताओं जैसे सी० एम० हेल्पलाइन इत्यादि में भी बहुत वृद्धि हुई है। दिनोंक-06.04.2026 की शाम को महासंघ द्वारा तीन टीमें गठित कर नव नियुक्त मंत्रियों के आवास में चल रहे कार्यों को बाधित किया गया है। दिनोंक-07.04.2026 को दोपहर में भी महासंघ द्वारा तीन टीमें गठित कर बिभिन्न निर्माण स्थलो पर अवलोकन हेतु भेजा गया है। महासंघ के समस्त सदस्यों द्वारा अपने क्षेत्र के कार्यों को रूकवा दिया है, ताकि ठेकेदार गुणवत्ताविहीन दोषपूर्ण कार्य न करे। प्रदेश के कई मा० विधायकों द्वारा डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की हडताल को यथाशीघ्र समाधान हेतु मा० मुख्यमंत्री जी को अपने स्तर से भी पत्र प्रेषित किये गये हैं। महासंघ की हडताल के कारण कार्यों पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव के सम्बन्ध में विभागाध्यक्षों द्वारा भी शासन को अवगत करा दिया गया है एवं शीघ्र समाधान करने का अनुरोध किया गया है। प्रांतीय अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया है कि समस्याओं का सकरात्मक समाधान शासन द्वारा नहीं किया जाता है तो आन्दोलन को और उग्र किया जायेगा।

हडताल कार्यक्रम के 16वें दिन में प्रातीय अध्यक्ष इं० आर सी शर्मा, प्रांतीय उपाध्यक्ष इ० मुकेश बहुगुणा, प्रांतीय महासचिव इ० वीरेंद्र गुसाई, इ० दिवाकर धस्माना, इं० उपेन्द्र गोयल, इ० हरीश भटट, इ० ए० पी० सिंह, इं० अनिल पवार, इ० शान्तनु शर्मा, इ० मुकेश रमोला, इ० यशवन्त सिंह रावत, इ० प्रमोद सिंह नेगी इ० भुवन जोशी. इ० जयपाल चौहान, इ० भजन सिंह चौहान, इ० आशीष यादव, इ० सरीन कुमार, इं० सुरेन्द्र श्रीकोटी, इ० पंकज बडोनी, इ० समीक्षा शर्मा, इ० नीतू मट्ट इ० अर्थना नेगी. इ० अंजना डिमरी इ० अर्चना बंगवाल, इ० संजीव सिंह, इं० मुकेश डिमरी, इं० मातवर सिंह विष्ट इ० आरती फर्सवाण, इ० सुशील चन्द रमोला, इ० दिव्या चौहान, इं० राघवेन्द्र डोभाल, इं० प्रवीण मंमगाई, इ० निर्मल सिंह इ० जगमोहन सिंह आदि वक्ताओं ने अपने विचार रखे।


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