पर्यावरणवादी संगठनों, जन संगठनों, महिला संगठनों एवं विपक्षी दलों ने एलिवेटेड रोड परियोजना को नाजायज परियोजना बताकर पुरजोर विरोध किया।
पर्यावरणवादी संगठनों, जन संगठनों, महिला संगठनों एवं विपक्षी दलों ने एलिवेटेड रोड परियोजना को नाजायज परियोजना बताकर पुरजोर विरोध किया।

पर्यावरणवादी संगठनों, जन संगठनों, महिला संगठनों एवं विपक्षी दलों ने एलिवेटेड रोड परियोजना को नाजायज परियोजना बताकर पुरजोर विरोध किया।
उत्तराखंड (देहरादून) रविवार, 22 जून 2025
आज शहर और राज्य के पर्यावरणवादी संगठनों, जन संगठनों, महिला संगठनों एवं विपक्षी दलों ने एलान किया कि देहरादून के प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना हर तबके को नुक्सान पहुंचाएगा। इस जन विरोधी, नाजायज परियोजना का पुरजोर विरोध कर यातायात की समस्याओं से राहत, पर्यावरण की रक्षा और मज़दूर वर्ग के घरों के लिए जनपक्षीय विकास के लिए आंदोलन करेंगे। बैठक में भागीदारी करते हुए वरिष्ठ पर्यावरणविद एवं उत्तराखंड इंसानियत मंच के डॉ रवि चोपड़ा ने कहा कि इस परियोजना से दोनों पर्यावरण और समाज के लिए गंभीर नुक्सान होगा और यातायात की समस्या का भी कोई हल नहीं होगा।
सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने कहा कि जब पता चला है कि सरकार के पास देहरादून पर 6200 करोड़ खर्च करने की क्षमता है, तो जनपक्षीय विकास के लिए जनता की और से एक लक्ष्य रखा जा सकता है जिससे शहर के मूल समस्याओं का हल होगा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ SN सचान ने कहा कि इस प्रकार के परियोजनाओं से कंपनियों एवं अफसरों को लाभ ज़रूर मिलता है लेकिन जनता के लिए यह हानिकारक होगा। इस परियोजना से पर्यावरण, मज़दूर बर्ग और शहर की आम जनता पर होने वाला प्रतिकूल प्रभाव को उठाते हुए उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत, CPI के समर भंडारी, एवं पीपल्स साइंस मूवमेंट के विजय भट्ट ने इसको जन विरोधी ठहराया। पर्यावरण, मज़दूर बस्तियों एवं मज़दूर वर्ग के आश्रय के अधिकार, और असली जनपक्षीय विकास पर आंदोलन का योजना बनाते हुए संगठनों ने निर्णय लिया कि इन मुद्दों पर हस्ताक्षर अभियान, जन सम्मेलन, एवं शक्ति प्रदर्शन के लिए तैयारी की जाएगी। इस अभियान के विभिन्न पहलुओं पर काम को आगे बढ़ाने के लिए कुछ वर्किंग ग्रुपों को भी बनाये गए।
उपरोक्त लोगों के साथ बैठक में MAD (मेकिंग अ डिफरेंस बाय बीइंग थ डिफ्रेंस) के प्रिंस कपूर, आशीष और विकास गुप्ता; सिटीजन्स फॉर ग्रीन दून के ईरा चौहान; उत्तराखंड इंसानियत मंच के डॉ NN पांडेय, राघवेंद्र, और त्रिलोचन भट्ट; उत्तराखंड महिला मंच की निर्मला बिष्ट; चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल एवं राजेंद्र शाह; पूर्व बार कौंसिल अध्यक्ष रज़िया बैग; UKD के लताफत हुसैन; और कांग्रेस पार्टी के याकूब सिद्दीक़ी बैठक में शामिल रहे।