उत्तराखंड

दून समग्र विकास अभियान ने एलिवेटेड रोड के संबंध में बैठक की।

विनाश नहीं, विकास चाहिए -आंदोलन को तेज करने का एलान

दून समग्र विकास अभियान ने एलिवेटेड रोड के संबंध में बैठक की।

उत्तराखंड (देहरादून) रविवार, 05 अप्रैल 2026

आज दून समग्र विकास अभियान की बैठक में एलिवेटेड रोड, मज़दूर बस्तियों एवं कांठ बंगला बस्ती को ज़बरन विस्थापन कराने की बात को ले कर विपक्षी दलों एवं जन संगठनों ने आक्रोश जताते हुए आंदोलन को और तेज़ करने का एलान किया। सरकार क़ानूनी प्रक्रिया की धज्जियाँ उड़ा कर विनाशकारी एलिवेटेड रोड परियोजना को आगे बढ़ा रही है जबकि इससे आम शहरवासियों, पर्यावरण, मसूरी शहर एवं दसियों हज़ार गरीब परिवारों के लिए घातक हो सकता है। 2016 में बनाया गया बस्ती अधिनियम पर अमल ही न कर मनमानी तरीकों से कांठ बंगला बस्ती पर ज़बरन विस्थापित होने का दबाव डाला जा रहा है। जब दस साल पहले ही शहर की बस्तियों में घर के अधिकार, अतिक्रमण की समस्या एवं मालिकाना हक़ के लिए विधान सभा द्वारा एक पूरा क़ानूनी ढांचा बनाया गया था, इस प्रकार की कार्यवाही से लगता है कि निहित स्वार्थों के लिए ही कदम उठाया जा रहा है। इन मुद्दों पर आगामी दिनों में मुख्य सचिव से मिलने के लिए, क़ानूनी कदमों को आगे बढ़ने के लिए, शहर के विभिन्न मोहल्लों में स्थानीय जन सभाएं आयोजित करने के लिए, प्रदेश में इस प्रकार के अन्य संघर्षों से तालमेल बढ़ाने के लिए, एवं 30 मई तक आंदोलन की एक नया चरण शुरू करने के लिए तय किया गया था। 

बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संजय शर्मा, प्रवीण त्यागी, और प्रीतम सिंह आर्या; समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डॉ सत्यनारायण सचान; भारत की कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता समर भंडारी; सर्वोदय मंडल के हरबीर सिंह कुशवाहा; एवं चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल और राजेंद्र शाह शामिल रहे।

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