आपदा से निपटने की तैयारी को सुदृढ़ करने हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न।
विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं अध्यापकगण सहित कुल 820 प्रतिभागियों ने सहभागिता की

आपदा से निपटने की तैयारी को सुदृढ़ करने हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न।
उत्तराखंड (देहरादून) मंगलवार , 20 जनवरी 2026
शासन से प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में तथा जिलाधिकारी देहरादून एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) द्वारा समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों के क्रम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए), देहरादून के तत्वावधान में मंगलवार, 20 जनवरी को सोशल बलूनी स्कूल, नियर कारगी चौक, देहरादून में एक दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं अध्यापकगण सहित कुल 820 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय स्तर पर आपदा जोखिम न्यूनीकरण को सुदृढ़ करना तथा आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया क्षमता का विकास करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, देहरादून के मास्टर ट्रेनर राजू शाही, सुशील कैंतुरा एवं मोहित सिंह द्वारा प्रतिभागियों को भूकंप, बाढ़, भूस्खलन, युद्ध, आतंकवाद एवं अन्य संभावित आपदाओं के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही प्राथमिक उपचार, आपातकालीन दूरभाष नंबरों, भूदेव ऐप, सचेत ऐप, सेटेलाइट फोन के उपयोग तथा आपदा प्रबंधन में प्रयुक्त विभिन्न उपकरणों की कार्यप्रणाली के संबंध में सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज नौटियाल, समन्वयक शैलेंद्र नेगी, जूनियर समन्वयक सुश्री अंजलि एवं एल.एम. भट्ट (हेड ऑफ द डिपार्टमेंट, फिजिकल एजुकेशन) द्वारा विद्यालयों में इस प्रकार के आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु विद्यालय प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी देहरादून एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया गया।
विद्यालय प्रशासन द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि इस प्रशिक्षण के माध्यम से छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों में आपदाओं के प्रति सजगता, आत्मरक्षा एवं आपात स्थिति से निपटने की क्षमता का उल्लेखनीय विकास हुआ है।




