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Wednesday, June 29, 2022
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किसानों की मदद के लिए IITians का आविष्कार, जानवरों के घुसते ही सायरन बजाएगा यह डिवाइस

खेत में खड़ी फसल को नील गाय, आवारा पशु व जंगली जानवरों द्वारा किए जाने वाले नुकसान को रोकने के लिए किसानों को हमेशा परेशानियों का सामना करना पड़ता है। किसान रात भर जाग कर अपने खेतों की रखवाली करते है। इन पशुओं से किसानों को बहुत नुकसान होता है। एक तो किसानों की आर्थिक स्थिति सही नही होती है ऊपर से इन जानवरों के द्वारा खेतों को भी तबाह किया जाता है। इन तमाम चीजों को देखते हुए IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करनेवाले अजित कुमार और सागर कुमार ने एक स्टार्टअप की शुरुआत की है। आइये जानते है उसके बारे में।

किसानों के समस्या का हल निकाला।

IIT खड़गपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग करनेवाले अजित कुमार और सागर कुमार, कहलगाँव में ‘Stepupify Labs’ के नाम से अपना एक स्टार्टअप चला रहे हैं और इसके तहत उन्होंने किसानों की मदद के लिए ‘Farm Surveillance-Cum-Animal Scare’ डिवाइस बनाया है। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर जंगली जानवरों या चोरों को भगाने के लिए एक ‘AI बेस्ड सिस्टम’ बनाया है। अपने इस डिवाइस को उन्होंने, ‘Farm Surveillance-Cum-Animal Scarer‘ नाम दिया है।

बिहार के रहने वाले है दोनों।

अजित कुमार और उनके साथी सागर कुमार बिहार में भागलपुर जिला स्थित कहलगाँव के रहनेवाले है। बचपन से ही दोनों बहुत कुशाग्र बुद्धि के थे। अपने नए स्टार्टअप के तहत, वह स्कूल-कॉलेज के छात्रों को रोबॉटिक्स, स्टेम, कोडिंग और आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकें सिखाते हैं ।

दोनों का जीवन संघर्षपूर्ण रहा।

IIT खड़गपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद, अजित कुमार ने टाटा मोटर्स में काम किया। लगभग डेढ़ साल तक टाटा मोटर्स में काम करने के बाद, उन्होंने मुंबई में और दो स्टार्टअप्स के साथ काम किया जो रोबोटिक्स के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। वहीं, सागर ने भी पढ़ाई के बाद भारत पेट्रोलियम कंपनी में काम किया। मार्च 2019 में अजित कुमार ने अपनी नौकरी छोड़ दी। क्योंकि वह अपने इलाके में कुछ करना चाहते थे।

कैसे काम करता है यह डिवाइस।

AI Based Device to protect crops

यह डिवाइस आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस तकनीक पर काम करता है। इसमें दिन और रात, दोनों समय काम करने वाला कैमरा लगा हुआ है। जैसे ही कोई जानवर या इंसान खेत में प्रवेश करता है, तो डिवाइस के कैमरे में उसकी तस्वीरें आने लगती हैं और डिवाइस में लगा अलार्म बजने लगता है। इसके अलावा, इस डिवाइस से खेत के मालिक या किसान को उसके फ़ोन पर भी एक अलर्ट कॉल या मैसेज जाता है। जिससे वह या तो खुद खेत पर आ सकते हैं या किसी और को भेज सकते हैं।

चार्ज भी होता है डिवाइस।

इस डिवाइस में किसान अपने हिसाब से विकल्प भी तय कर सकते हैं कि आपको अलार्म किसके लिए चाहिए इंसान या जानवर या फिर दोनों के लिए। जैसे दिन में आप जानवरों के लिए विकल्प सेट कर सकते हैं और रात में दोनों के लिए। इसके अलावा, अलार्म में क्या ध्वनि बजेगी, यह भी किसानों के हिसाब से तय किया जा सकता है। किसान अपने हिसाब से अलार्म लगा सकते हैं। यह डिवाइस बैटरी से चलती है और इसमें 12 वोल्ट की बैटरी लगी है, जिसे चार्ज किया जा सकता है।

ट्रायल में मिली सफलता ।

इस डिवाइस को पूर्ण रूप से चेक करने के बाद । इसके उपयोग को अच्छे से अध्यन करने के बाद इसे इस्तेमाल में लाया गया है। यह किसानों के लिए काफी हितकारी सिद्ध हो रहा है । अभी तक इस डिवाइस के 20 प्री आर्डर मिल चुके है । भविष्य में यह डिवाइस अत्यंत ही कारगर सिद्ध होगा।

Medha Pragati
मेधा बिहार की रहने वाली हैं। वो अपनी लेखनी के दम पर समाज में सकारात्मकता का माहौल बनाना चाहती हैं। उनके द्वारा लिखे गए पोस्ट हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करती है।
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