जखोली CHC में न स्पेशलिस्ट डॉक्टर, न चालू अल्ट्रासाउंड मशीन।
जर्जर भवन में मरीज और कर्मचारी परेशान।

जखोली CHC में न स्पेशलिस्ट डॉक्टर, न चालू अल्ट्रासाउंड मशीन।
उत्तराखंड (रुद्रप्रयाग) शनिवार , 08 अगस्त 2026
रुद्रप्रयाग विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी एवं युवा नेता मोहित डिमरी ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल भवन की स्थिति को लेकर कई गंभीर समस्याएं सामने आईं।
करीब 40 वर्ष पहले बनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली की इमारत अब जर्जर हो चुकी है। भवन में जगह-जगह पानी का रिसाव हो रहा है, कमरों में सीलन है और बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है। इससे मरीजों के साथ-साथ डॉक्टरों, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के लिए बने आवासीय क्वार्टरों की स्थिति भी बेहद खराब है।
मोहित डिमरी ने कहा कि जब स्वास्थ्य केंद्र की इमारत ही सुरक्षित नहीं है, तो मरीजों और स्वास्थ्य कर्मचारियों से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उम्मीद कैसे की जा सकती है। इस पुराने भवन को डिस्मेंटल कर नए और आधुनिक भवन का निर्माण किया जाना आवश्यक है।
स्वास्थ्य केंद्र की सबसे बड़ी समस्या यहां एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर का उपलब्ध न होना है। विशेष रूप से महिला रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) की कमी गंभीर चिंता का विषय है। गर्भवती महिलाओं और महिला मरीजों को छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी दूसरे अस्पतालों की ओर जाना पड़ता है।
इसके अलावा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की भी बेहद आवश्यकता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण कई ऐसी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होती हैं, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर ही उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली में आवश्यकता के अनुसार स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, सामान्य सर्जन, मेडिसिन विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ तथा रेडियोलॉजी/इमेजिंग सेवाओं से जुड़े विशेषज्ञ उपलब्ध कराए जाने की जरूरत है।
सीएचसी जखोली में उपलब्ध अल्ट्रासाउंड मशीन भी बंद पड़ी है। खासकर गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड जांच बेहद महत्वपूर्ण है। मशीन होने के बावजूद सेवा उपलब्ध न होना स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर कमी को दर्शाता है।
मोहित डिमरी ने कहा कि जखोली जैसे क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों लोगों की जीवनरेखा है। यहां पर्याप्त डॉक्टर, विशेषज्ञ चिकित्सक, जांच सुविधाएं और आवश्यक उपकरण उपलब्ध होना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि सीएचसी जखोली में 30 बेड की क्षमता भी उपलब्ध नहीं है, जबकि क्षेत्र की जरूरत और मरीजों की संख्या को देखते हुए इसकी क्षमता बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।
मोहित डिमरी ने कहा कि जखोली के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लगातार दूसरे शहरों की ओर रेफर होना पड़ रहा है। सरकार को इस व्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए नए भवन के निर्माण, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, अल्ट्रासाउंड सेवा शुरू करने तथा बेड क्षमता बढ़ाने की दिशा में तत्काल कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन सभी समस्याओं को लेकर जल्द ही स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य सचिव और स्वास्थ्य महानिदेशक से मुलाकात कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली की वास्तविक स्थिति उनके सामने रखी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी।




