उत्तराखंड

जिलाध्यक्ष देहरादून धर्मेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में माननीय प्रधानमंत्री जी को मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जायसवाल और जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती को ज्ञापन सौंपा।

टीईटी की अनिवार्यता समाप्त होनी चाहिए।

जिलाध्यक्ष देहरादून धर्मेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में माननीय प्रधानमंत्री जी को मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जायसवाल और जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती को ज्ञापन सौंपा।

उत्तराखंड (देहरादून) शनिवार,  18 जुलाई 2026

आज दिनांक 17 जुलाई 2026 को जिलाध्यक्ष देहरादून धर्मेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में जनपद देहरादून के शिक्षकों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून के कार्यालय में TET और नई पेंशन के विरोध में माननीय प्रधानमंत्री जी को मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविन्द राम जायसवाल और जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती को ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान प्राथमिक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त होनी चाहिए।

अन्य वक्ताओं ने कहा कि अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त सभी शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल होनी चाहिए। इसके अलावा चकराता और कालसी क्षेत्र में दस वर्ष से अधिक समय से कार्यरत शिक्षकों के शीघ्र स्थानांतरण की मांग की।

संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह प्रदर्शन शिक्षकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए किया गया।

आज के धरना ज्ञापन प्रदर्शन में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष देहरादून धर्मेन्द्र सिंह रावत, जिला संरक्षक शशि दिवाकर,जिला मंत्री रूपक,जिला उपाध्यक्ष शैलेन्द्र नेगी, NMOPS अध्यक्ष अनुराग चौहान, लक्ष्मण सोलंकी, कुलदीप कुमार,मंजीत सोलंकी,सिद्धार्थ शर्मा,शशांक शर्मा,प्रेम लाल,हृदय राठी,दिलीप सिंह, संतोष गड़ोही, रायपुर अध्यक्ष अरविन्द सोलंकी, बिनोद असवाल, प्रवेश ढोंडीयाल,अनिल गुसाई, हरीश जोशी, सुनीता रावत, चकराता अध्यक्ष संगीता चौहान,डोईवाला अध्यक्ष नरेंद्र सागर,सीमा चौहान, संतोष रावत, ज्योति सिंह, ललिता खाली, मीना रतूड़ी, पुष्पलता भास्कर, चंद्रकांता, अर्चना कन्नौजया इत्यादि उपस्थित थे।

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